जनसमुदाय के कल्याण की चिंता करें, कार्य-पद्धतियों पर ध्यान दें

7 Ağu
9 dakikada okunur
यह कामरेड माओ त्से-तुंग द्वारा जनवरी 1934 में कियांग्सी प्रांत के जुचिन में आयोजित श्रमिकों और किसानों के प्रतिनिधियों की द्वितीय राष्ट्रीय कांग्रेस में दिए गए समापन भाषण का एक हिस्सा था।
Daha fazlasını okumak ister misiniz?
Bu özel yazıyı okumaya devam etmek için oclandestino.org sitesine abone olun.



















































